Comprehensive Development Vision for Gurjar Community
|
|
Jyoti Gurjar Patil
SPNCL.COM
मुझे क्षमा करना
“निज भवन संसय दवन श्रीरघुपतीही यह मत भायहू, यह चरीत कलीमलहर
जथामती दास तुलसी गायहू” श्रीरामचरीतमानस, श्रीरामायण के सुन्दरकांड के अंत में श्रीराम प्रभु के चरीत्र का गायन करते हुए श्री तुलसीदास ने
यह कहा है की परमात्माने मुझे जो बुद्धी प्रदान की उसी के आधारपर मैने श्रीराम के
चरीत्र का गायन किया है, वरना मैं कोइ बुद्दीमान प्राणी नही हु। उसी प्रकार गुर्जर समाज जैसी देवजाती के
विकास के बारे में लिख सकू इतना मै बिल्कुल भी बुद्दीमान नही हु, लेकिन,
ह्रदयस्थीत परमात्मा ने जो भी लिखने को बोला वह हाथों के जरीये लेखनी से लिखा गया
है, इसमें मेरी बुद्धी का कोइ संबंधभी है ऐसा मुझे नही लगता। मै शायद बुद्धीमान
नही हु लेकीन खुद को आज भाग्यवान जरुर समझता हू की परमात्मा नें इस कार्य को करने
के किए मुझे अवसर प्रदान कीया है। असल मे मै मूढ़मती
हू और इतनाभी मेरा अनुभव या शिक्षण नहीं है जो किसी जाती समुदाय के विकास की योजना
बना सकू, पैसे को ज्यादा समझ सकू, ना ही
मैंने ऐसी कुछ शिक्षा प्राप्त की है जिसमे व्यापारशास्त्र का अंतर्भाव हो. लेकिन बचपन से लेकर आज तक समाज के प्रति जो
लगाव है, जीवन में मेरे जाती में एकता के आभाववंश जो भी सहना पड़ा है, और उसमे से
जो पीडाए उत्पन्न हुई, उसीका नतीजा शायद यह विकास योजना है.
इस विकास
योजना को अंजाम देते समय हमने व्यापारिक तरीके से कम सोचा है और समाजहित की
भावनाओं को ज्यादा महत्व दिया है, इसलिए व्यापारिक तरीकेसे और व्यावहारिक तरीकेसे
सोचने वाले महानुभाव शायद हमें गलत साबित कर सकते है, लेकिन यह समाज के लिए चलाया
गया अभियान है, यहाँ मुनाफेखोरी को कम और समाजहित को ज्यादा महत्व दिया है. भावनावंश,
हो सकता है की हमने कही ऐसा भी सोच लिया हो जो की व्यवहार के दायरे में बैठता न हो,
लेकिन जब हम शुरुवात करेंगे तो आज की कठिन समस्या कल सहज होती दिखायी देगी, इसके
उपरांत फिर भी आप को ऐसा लगता है की जो भी चीज हमने समाज के सामने रखी है वह सरासर
गलत है तो कृपया हमें आप के सुझाव भेजकर उपकृत करें, आपके यही सुझाव हमें और अच्छी
प्रेरणाए देंगे और उतनाही समाज का भविष्य उज्वल बनाने में मदद होगी. अंग्रेजी और
हिंदी भाषाए मुझे अच्छी तरह अवगत नहीं है क्योंकि मै एक गरीब किसान का बच्चा हू और
देहात में ही मेरा जन्म हुआ और वही पर पला बड़ा हुआ हू. इसलिए गाँव की संस्कृति को
अच्छी तरह जनता हू और गर्व से कहता हू की गुर्जरी भाषा मुझे अच्छी अवगत है. इसलिए
इस विकास योजना के दरमियाँ भाषा को लेकर गलतियाँ मुझसे संभवतः हुई होगीexc ही, अगर गलती है तो
शब्द का अर्थ न ध्यान में लेतेहुए मुझे क्या कहना है यह ध्यान में ले और उन
संभाव्य गलतियों के लिए मुझे अपना छोटा बच्चा समझकर माफ कर दे.
http://www.facebook.com/NDGGP